मेरी रूह तो स्वाद तेरी सोहबत का लेती है,
तू समझती है के मैं पीता हूँ चाय चुस्कियां ले कर..!!
Friday, April 23, 2021
चुस्कियां..!!
Thursday, April 22, 2021
गरम सांसें..!!
मेरी आँखों की नींद उड़ा देती है तेरी साँसों की तपिश,
जैसे प्यासे रेगिस्तान में उड़ जाती है बारिश की एक बूँद भाप बन कर ..!!
Thursday, April 15, 2021
दायरा ..!!
बिखरा हुआ था बरसों से, आज जा कर सिमटा हूँ मैं तेरे दामन मैं,
वो जो तेरी बिखरी जुल्फें थी, वही तो मेरा दायरा बन गयीं..!!
Tuesday, March 16, 2021
मौला..!!
जब चुराना चाहो ख़ुशी से दो लम्हे, लगता है की ज़िन्दगी साथ नहीं देगी
जब चुराना चाहो मुस्कराहट के दो लम्हे, लगता है की कायनात साथ नहीं देगी
बिना गलती के मिली हुई सजा, मौत से भी बदतर महसूस होती है
तू ही बता दे मौला, क्या अब तेरी बन्दगी भी साथ नहीं देगी ?
Sunday, September 27, 2020
सच क्या है ?
जो दिखता है वह सच है,
या जो बिकता है वह सच है ?
जो तेरा है वह सच है,
या जो मेरा है वह सच है ?
जो अंदर है वह सच है,
या जो बाहर है वह सच है ?
या फिर जो दिखने, बिकने, अंदर, बाहर, तेरे और मेरे से परे है,
वही एक सच है, बस वही एक सच है..!!
आँचल..!!
रास्ते के कंकड़ और मेरी थकान,
रोज़ की गहमागहमी और दूर कहीं मकाम,
ज़िन्दगी की जद्दोजेहद से पार के,
पैरों के छालों की टीस से हार के,
ना बदली की छाया और ना छॉव बाग बहार के,
तेरे पास आया हूँ माँ, भर ले अपने आँचल में....ममता भरे प्यार से..!!